गंगापार, जून 22 -- आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाले गुप्त नवरात्र 26 जून से शुरू हो रहे हैं, जो 4 जुलाई तक चलेंगे। इस दौरान मां के साधक गुप्त रूप से दस महाविद्याओं की सिद्धि में लीन रहेंगे। ज्योतिष विशेषज्ञ पं उमेश शास्त्री दैवज्ञ के अनुसार, नवरात्रि साल में चार बार चैत्र, आषाढ़, अश्विन और माघ मास में आती है। इनमें चैत्र और अश्विन की नवरात्रियां सार्वजनिक होती हैं, जबकि आषाढ़ और माघ मास की नवरात्रियां 'गुप्त नवरात्र कहलाती हैं। इनका विशेष महत्व तांत्रिक साधना और दस महाविद्याओं की उपासना में होता है। ज्योतिष विशेषज्ञ दैवज्ञ ने बताया कि गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा के दस दिव्य स्वरूपों काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगुलामुखी, मातंगी और कमला की आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इन दे...
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