कुशीनगर, जनवरी 20 -- कुशीनगर। काशी से प्रकाशित पंचांगों के अनुसार गुप्त नवरात्रि माघ मास शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवमी पर्यंत रहती है। इस बार 19 जनवरी दिन सोमवार से 27 जनवरी तक है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, वज्र योग, किष्टुघ्न करण व सर्वार्थसिद्धि योग के संयोग से इस नवरात्रि का महत्व विशेष फलदायी माना गया है। सेवरही निवासी ज्योतिषाचार्य पं. गोविन्द दुबे के अनुसार गुप्त नवरात्रि में गुप्त रूप से किया गया। पूजन-पाठ कार्यसिद्धि के लिए विशेष फल देता है। बताया कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, जिनमें माघ व आषाढ़ की दो नवरात्रि गुप्त कही जाती हैं। तंत्र-मंत्र साधना के लिए यह काल सर्वोत्तम माना गया है। सायंकाल आरती में कपूर के साथ लवंग डालकर आरती करने से नकारात्मक ऊर्जा का क्षय व सुख-समृद्धि व शांति की प्राप्ति होती है। आश्विन व चैत्र नवरात्रि की भा...
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