लखनऊ, जनवरी 24 -- बैचमिक्स प्लांट के स्वामित्व की अनिवार्यता की शर्त के साथ 16 जनवरी को डलवाए गए 4400 करोड़ रुपये मूल्य के 65 से ज्यादा टेंडर अब गुपचुप खुलने शुरू हो गए हैं। वहीं, अब तक कई टेंडर ऐसे हैं, जिनकी वित्तीय स्वीकृतियां शासन से जारी नहीं हुई हैं। कुछ टेंडरों की तकनीकी बिड खोलकर प्रपत्रों की जांच हो रही है। इस मामले में चहेते ठेकेदारों को टेंडर दिलवाने की सेटिंग के आरोप हैं। अनिवार्यता के बावजूद प्रहरी पोर्टल पर बैचमिक्स प्लांट का ब्योरा देने का विकल्प नहीं था। आपके अखबार हिन्दुस्तान ने टेंडर फिक्स होने की खबर 19 जनवरी के अंक में प्रकाशित की थी। आरोप हैं कि एक साथ पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर डाले गए टेंडरों में से ज्यादा की वित्तीय स्वीकृतियां ठीक उसी रोज शासन से मिले थे, जबकि निविदा की तारीख पहले से ही तय हो गई थी। इसके अलावा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.