संभल, जनवरी 6 -- गुन्नौर क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे गंभीर लापरवाही सामने आ रही है, जिससे पवित्र और संवेदनशील नदी तंत्र पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। धार्मिक आस्था के नाम पर खंडित मूर्तियों को गंगा में प्रवाहित किया जा रहा है, जबकि कई स्थानों पर मूर्तियों के साथ केमिकल युक्त सामग्री भी नदी में डाली जा रही है। इससे गंगा जल की शुद्धता प्रभावित हो रही है और जलीय जीवों के जीवन पर संकट बढ़ता जा रहा है। दूसरी ओर खेती के नाम पर रासायनिक खाद और कीटनाशकों का प्रयोग भी गंगा को जहरीला बना रहा है। खेतों से बहकर ये रसायन सीधे गंगा में पहुंच रहे हैं, जिससे जल प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा किनारे साफ-सफाई और निगरानी के कोई ठोस इंतजाम नहीं हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर मुद्दे पर उदासीन नजर...
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