शैलेंद्र श्रीवास्तव, फरवरी 7 -- योगी सरकार एक मुश्त समाधान (ओटीएस) योजना में इस बार आवासीय के साथ अन्य संपत्तियों को भी शामिल कराने जा रही है। इससे स्कूल, कॉलेज और संस्थागत उपयोग की फंसी संपत्तियों को भी शामिल किया जा रहा है। इससे ऐसी संपत्तियों के आवंटियों को मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। इतना ही नहीं इस बार नक्शे के डिफाल्टर मामलों को भी ओटीएस के माध्यम से सुलझाते हुए उसे बनाने की सुविधा दी जाएगी। उच्चाधिकारियों की बैठक में सहमति के बाद शासन स्तर से इस संबंध में जल्द ही कैबिनेट से प्रस्ताव पास कराने की तैयारी है। प्रदेश के विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद द्वारा आवंटित की जाने वाली संपत्तियों का पैसा समय से जमा न होने से उस पर ब्याज पर ब्याज लग जाता है। इससे आवंटियों और प्राधिकरण के बीच विवाद होने से संपत्तियां फंस जाती हैं और दोनों ...