संतकबीरनगर, अक्टूबर 12 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में गुटखा खाने वाले बुजुर्ग मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। ऐसे लोग का मुंह फाइब्रोसिस के चलते छोटा हो रहा है। यदि मुंह के पिछले हिस्से के दांत यानी चौभर की सर्जरी या फिर उखाड़ने की नौबत आ रही है तो उसका इलाज जिला अस्पताल स्तर पर नहीं हो पा रहा है। ऐसे मरीजों को बीआरडी मेडिकल कालेज या फिर हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। लगातार पान मसाला का सेवन करने से मसूड़े तेजी के साथ कटने लगते हैं। इसकी वजह से दांत कामजोर हो जाते हैं। गुटखा खाने से मुंह में कई गंभीर दुष्प्रभाव होते हैं, जिनमें मुंह का कैंसर, मसूड़ों की बीमारी, दांतों का खराब होना और मुंह के छाले व घाव शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मसूड़ों में रक्त प्रवाह कम होने और घावों के धीरे-धीरे भरने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं...
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