नई दिल्ली, मार्च 1 -- साल 2006 में एनआरआई की हत्या मामले में गुजरात की सेशन कोर्ट ने 10 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जानकारी के मुताबिर एनआरआई ने एक आध्यात्मिक संगठन के लिए जुटाई गई विदेशी धनराशि के लिए जवाबदेही की मांग की थी जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भरत जादव ने शुक्रवार को 84 गवाहों के बयानों और दस्तावेजी सबूतों पर विचार करने के बाद आरोपियों को, जो एक आध्यात्मिक संप्रदाय, स्वाध्याय परिवार के सदस्य थे, अन्य आरोपों के साथ हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी पाया। एनआरआई की पहचान पंकज त्रिवेदी के रूप में हुई है। वह भी स्वाध्याय परिवार से जुड़ा हुआ था। 15 जून 2006 को आरोपियों ने बेसबॉल बैट और लोहे की छड़ों से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, त्रिवेदी ने 2001 के भुज भूकंप राहत के लिए संगठ...
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