रांची, दिसम्बर 2 -- रांची, विशेष संवाददाता। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के संस्कृत विभाग की ओर से आयोजित गीता सप्ताह के तहत मंगलवार को कोल इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ सिविल इंजीनियर दिव्यसानु पांडेय का व्याख्यान आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान अगर एक जगह चाहते हैं, तो गीता की शरण में आना आवश्यक है। कहा कि सबकुछ ब्रह्ममय है, इसका ज्ञान हर प्राणी को होना चाहिए, यही गीता का मुख्य ध्येय है। भारतीय संस्कृति में समय को भी भगवान का स्वरूप कहा गया है। इसका प्रमाण भी भगवद्गीता में ही प्राप्त होता है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सह संस्कृतविभागाध्यक्ष डॉ धनञ्जय वासुदेव द्विवेदी ने कहा कि भगवद्गीता एक आदर्श भारतीय ग्रंथ है, जो मानव जीवन को एक नूतन दिशा और दृष्टिकोण प्रदान करता है। इसके उपदेशों से मानव जीवन म...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.