सासाराम, फरवरी 7 -- सासाराम, नगर संवाददाता। श्रीशंकर ज्ञान महायज्ञ के 39वें वार्षिकोत्सव महायज्ञ में शनिवार को ज्ञान यज्ञ प्रवचन के कार्यक्रम के उद्घाटन अर्जुनानंद महाराज एवं दीनानाथ प्रज्ञा कुंज के द्वारा किया गया। मौके पर स्वामी अर्जुनानंद ने जीवन के उद्देश्य को समझाते हुए गीता घाट बाबा के चिंतन को अपने जीवन में उतारने पर जोर दिया। कहा कि परमात्मा पूर्ण हैं और उसी का हम सब अंश है। मौके पर स्वामी दीनानाथ शास्त्री जी ने यज्ञ विज्ञान के महिमा को बया। कहा कि यज्ञ सृष्टि का नाभि है। सारी सृष्टि यज्ञ कर रही है। ब्रह्मांड के हर घटक में यज्ञ चल रहा है। इन्होंने यज्ञ को श्रेष्ठतम कर्म से परिभाषित किया। संसार में जितना भी श्रेष्ठ कार्य हो रहा है वह सभी यज्ञ के परिधि के अंतर्गत आता है। रक्तदान यज्ञ, भूदान यज्ञ, नेत्रदान यज्ञ, इसमें अग्निहोत्र नहीं...
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