गिरडीह, दिसम्बर 19 -- सियाटांड़, प्रतिनिधि। गिरिडीह जिला प्रशासन द्वारा आरटीआइ मामले में जनता को सवालों का सही जवाब ना देकर टहलाने का काम किया जा रहा है। जिलाभर से प्रखंड, अंचल व अनुमंडल कार्यालयों से सताए व भ्रष्टतंत्र से पीड़ित जनता को आशा रहती है कि उन्हें जिला मुख्यालय से न्याय मिलेगा, परंतु ऐसा नहीं हो पा रहा है। इससे जन-मानस में जनाक्रोश देखा जा रहा है। झारखंड में राज्य सूचना आयोग निष्क्रिय रहने से भ्रष्ट पदाधिकारियों द्वारा इसका नाजायज़ फायदा उठाया जा रहा है। बताते चलें कि वर्तमान में ताज़ा मामला उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी का कार्यकाल गिरिडीह के जिला जनसंपर्क प्रखाशा से जुड़ा है। जहां से आरटीआई कार्यकर्ता सुरेन्द्र पांडेय ने छह बिंदुओं में सूचना मांगी थी, परंतु वहां से उन्हें सूचना तो नहीं मिली उसकी जगह उन्हें यह बताया गया कि उक्...