गिरडीह, जनवरी 5 -- गांडेय, प्रतिनिधि। झारखंड में पेसा कानून लागू होने से झारखंड के आदिवासी समाज के बीच खुशी की लहर है पर गांडेय के आदिवासी समाज के सदस्यों के दिल में यह टीस है कि गिरिडीह को पेसा कानून के अधिसूचित जिला में शामिल नहीं किया गया है। बता दें कि झारखंड के 16 जिलों को पेसा कानून के अधिसूचित में शामिल किया गया है जबकि कुछ जिलों को उक्त कानून से बाहर रखा गया है। बाहर रहनेवालों में गिरिडीह जिला भी शामिल है। हालांकि पेसा कानून लागू होने से आदिवासी समाज के सदस्यों के बीच खुशी देखी जा रही है। आदिवासी समाज के सदस्यों ने कहा कि पेसा कानून लागू होने से झारखंड की ग्राम सभा की शक्तियों को बल मिलेगा। साथ ही ग्राम सभा के स्वशासन को भी ताकत मिलेगी। राज्य की खनिज संपदा को संरक्षित किया जा सकेगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्ट...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.