औरैया, दिसम्बर 2 -- औरैया, संवाददाता। जिला प्रशासन के दावों और हकीकत के बीच भारी अंतर का उदाहरण जैतापुर गांव में देखने को मिल रहा है, जहां एक भूमिहीन मजदूर का परिवार पिछले पंद्रह दिनों से खुले आसमान के नीचे तिरपाल डालकर रहने को मजबूर है। जैतापुर गांव निवासी रविंद्र दोहरे पुत्र मोहनलाल दोहरे का कच्चा मकान पंद्रह दिन पहले अचानक गिर गया। हादसे के समय घर में मौजूद पत्नी स्नेहलता, बेटी आरती और पुत्र शिवा व संगीत बाबू किसी तरह भागकर अपनी जान बचा सके। पूरे परिवार का सामान खुले में पड़ा है और ठंड बढ़ने के साथ हालात और भी मुश्किल होते जा रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि वह भूमिहीन है और मजदूरी करके परिवार को पालता है। मकान गिरने के अगले दिन मंत्री और लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी और सरकारी सहायता दिलाए जाने का भरोसा भी दिया था। लेकिन पंद्रह दिन बीत...
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