प्रयागराज, मार्च 17 -- सीएए-एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन और इस तरह लोक सेवक के आदेश की अवहेलना करने के आरोप में गिरफ्तार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के 25 वर्षीय छात्र मिस्बाह कैसर ने एफआईआर पर चार्जशीट, संज्ञान आदेश और पूरे मामले की कार्यवाही को इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका के माध्यम से चुनौती दी है। एएमयू में बीआर्क छात्र याची के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा जारी आदेश की अवज्ञा) और 341 (गलत तरीके से रोकने के लिए सजा) का तहत मामला दर्ज किया गया था। उस पर आरोप है कि उसने सड़क अवरुद्ध कर दी, जिससे सड़क पर आम लोगों के साथ एम्बुलेंस आने में भी बाधा उत्पन्न हुई। याचिका में कहा गया है कि जांच अधिकारी द्वारा लगाई गई दो धाराएं किसी ठोस सबूत या कानूनी आधार पर समर्थित नहीं हैं। साथ ही संज्ञान आदेश कानून की दृष्टि से त्रुटिपूर्ण है क्...
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