विकासनगर, जनवरी 29 -- गो संरक्षण सेवा समिति साहिया के तत्वावधान में आयोजित द्विवार्षिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने गाय की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, गाय विश्व का ऐसा प्राणी है जो सभी के लिए वात्सल्य के समान है। उन्होंने कहा है कि गायों को सड़कों पर लावारिस छोड़ना सबसे बड़ा महापाप है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि यह मां के समान दूध देती है, गोबर से खाद बनाती है। गोमूत्र से औषधि प्रदान करती है। गो संरक्षण हमारा धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय कर्तव्य है। उन्होंने गो संरक्षण के महत्व पर विस्तार से चर्चा कर बताया कि गाय भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। प्राचीन ग्रंथों में गाय को गो माता कहा गया है, जो अन्न, जल और स्वास्थ्य का स्रोत है। आज प्रदूषण और प्लास्टिक के दौर में गो संरक्षण से...