हमीरपुर, दिसम्बर 21 -- भरुआ सुमेरपुर, संवाददाता। जनपद के सुमेरपुर क्षेत्र में प्रवाहित होने वाली गायत्री गंगा नदी के संरक्षण और प्रदूषण रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मामले पर संज्ञान लिया है। आवेदक की याचिका पर 12 दिसंबर को हुई सुनवाई में अधिकरण ने नदी में प्रदूषण एवं अतिक्रमण से जुड़े गंभीर आरोपों पर विचार किया। अगली सुनवाई नौ मार्च 2026 को होगी। कस्बे के स्टेशन रोड निवासी आवेदक राजेश शिवहरे की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि गायत्री गंगा नदी लगभग 50 किलोमीटर लंबी एक प्राकृतिक जलधारा है, जो जनपद हमीरपुर के ग्राम छानी से निकलती है। यह नदी कई गांवों से होकर बहती हुई महोबा जनपद से निकलने वाली चंद्रावल नदी में गिरती है। चंद्रावल नदी केन नदी में मिलती और केन चिल्ला के पास यमुना नदी मिलती है।...
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