मुजफ्फरपुर, अगस्त 27 -- गायघाट, एक संवाददाता। चार दिन पहले गायघाट के मधुरपट्टी गांव में एक घर बागमती नदी में समाने के बाद ग्रामीण बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं। गांव बाढ़ के मुहाने पर है। अब अगर जलस्तर बढ़ा तो बागमती का बांध कभी भी टूट सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन या जनप्रतिनिधि कोई पहल नहीं कर रहे हैं। हर साल बांध की मरम्मत के नाम पर लीलापोती की जाती है। राजस्व का चूना लगता है, लेकिन समाधान नहीं होता। पांच वर्ष में एक दर्जन से अधिक घरों को बागमती लील चुकी है। मनरेगा योजना से हर साल बांध की मरम्मती कराई जाती है, नतीजा ढाक के तीन पात। हालत यह है कि विभाग के मुख्य अभियंता को इस गांव की समस्या के बारे में जानकारी तक नहीं है। गांव के विजय यादव, देबू सहनी, हरि किशोर सहनी, शिवजी राय, मुकेश राय, सुंदेश्...
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