लखनऊ, अगस्त 13 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता अब ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों को विकास के लिए धन उनकी जनसंख्या के आधार पर दिया जाएगा। विकास के लिए दिए जाने वाले बजट में 90 प्रतिशत धनराशि जनसंख्या के आधार पर और 10 प्रतिशत धनराशि उनके क्षेत्रफल के आधार पर दी जाएगी। वर्ष 2011 के बाद कोई जनगणना नहीं हुई है, ऐसे में इसी के आंकड़े के आधार पर जनसंख्या मानी जाएगी। छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियां बुधवार को विधानसभा के पटल पर रखी गई हैं। यह संस्तुतियां वर्ष 2025-26 व वर्ष 2026-27 के लिए की गईं हैं। अब राज्य सरकार इसे लागू कराएगी। छठा राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष दीपक कुमार की ओर से संस्तुति की गई है कि पंचायतीराज संस्थाओं को केंद्रीय वित्त आयोग की ओर से अपेक्षाकृत अधिक धनराशि प्राप्त होती है, ऐसे में पंचायतीराज संस्थाओं व नगरीय स्थानीय निकायों के बीच वर्...
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