लखीमपुरखीरी, दिसम्बर 9 -- स्वतंत्रता आंदोलन में देश की खातिर जान न्योछावर करने वाले भीखमपुर के निवासी अमर शहीद राज नरायन मिश्र के शहीद दिवस पर भी जिम्मेदार उन्हें भूल गए। ग्रामीणों ने जहां उनकी याद में कार्यक्रम किए। वहीं जनप्रतिनिधियों व अफसरों ने शहीद के गांव जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देने तक की जरूरत नहीं समझी। जिम्मेदारों के इस रवैए से भीखमपुर के लोगों में गुस्सा है। कस्बा भीखमपुर में जन्मे अमर शहीद पंडित राजनारायण मिश्र को 9 दिसंवर 1944 को लखनऊ जेल कारागार में फांसी दी गई थी। मात्र 24 वर्ष की युवा अवस्था में देश के खातिर फांसी के फंदे पर झूल गए थे। फांसी के समय उनका बदन छह पाउंड बड गया था। पंडित राजनारायण मिश्र के शहीदी दिवस पर स्मारक पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहीद स्मारक पर अमर शहीद के भांजे सेनानी पुत्र नागेश्वर मिश्र, संजय मिश...