हापुड़, अक्टूबर 3 -- बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव भैना में चल रही नवदिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के छठे दिन कथा व्यास पंडित रामकृष्ण दास जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जनकपुर आगमन और धनुष भंग प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि गुरु विश्वामित्र के साथ राम-लक्ष्मण जनकपुर पहुंचे, जहां मिथिलावासियों ने उनका भव्य स्वागत किया। अगले दिन पुष्प वाटिका में राम-सीता का प्रथम दर्शन हुआ, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। व्यास ने बताया कि जनक जी ने प्रतिज्ञा कर रखी थी कि जो भी वीर पिनाक धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी से सीता का विवाह होगा। अनेक वीर योद्धाओं ने प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। तब भगवान श्रीराम ने सहजता से धनुष उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई और धनुष बीच से टूट गया। इसके बाद सीता जी ने श्रीराम के गले में जयमाल डालकर उनका वरण किया। कथा पंडाल राम ज...
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