आगरा, मार्च 4 -- आगरा। ग्वालियर रोड पर तीन ऐसे गांव हैं। जहां की आबादी आजाद भारत में घुट घुट कर जी रही है। इन गांवों में रहने वाले ज्यादातर बच्चे विकलांगता समेत अन्य बीमारियों के शिकार हैं। जमीनी जल ग्रामीणों के लिए अभिशाप बन गया है। युवा अवस्था में लोगों पर बुढ़ापा आ रहा है। भूगर्भ से निकलने वाले जल को पीकर बच्चों की हड्डियां कमजोर पड़ रही है। खेलने कूदने की उम्र में नौनिहालों का बचपन बैसाखी के सहारे कट रहा है। आगे क्या होगा, कैसे होगा, ये सोचकर गांव के हर शख्स डर रहा है। आपके अखबार हिन्दुस्तान के बोले आगरा अभियान के तहत संवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों ने परेशान बयां की। कहा कि गांव में पानी और सड़क की समस्या बेहद जटिल है। ये तीनों गांव खेड़ा पचगाईं, पचगाईं और पट्टी पचगाईं (गढ़ी ठाकुरदास) हैं। तीनों गांव बरौली अहीर ब्लॉक के अंतर्गत आते हैं...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.