ललितपुर, जनवरी 5 -- बुंदेलखंड स्थित अतिपिछड़े जनपद में गांव के गांव विद्युत विभाग के बकाएदार हैं। 'बिजली बिल राहत योजना 2025' के माध्यम से इस बकाएदारी को वसूलने के लिए विभागीय अधिकारियों को अपना पूरा जोर लगाना पड़ रहा है। लगातार शिविर लगाकर बकाएदारों के घर दस्तक देने के साथ ही अब तक 10 हजार कनेक्शन काटने के बाद नौ करोड़ पांच लाख रुपये राजस्व जमा हो पाया है। विभागीय अधिकारियों की माने तो जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर उपभोक्ता बिजली का उपभोग तो करना चाहते हैं लेकिन बिल जमा करने से उनको परहेज है। इसी की चलते इतनी बकाएदारी हो गयी है। 'बिजली बिल राहत योजना 2025' के शुरुआती चरण में बकाएदारों से संपर्क करने के बाद भी वह अपना पंजीकरण नहीं करवा रहे थे। जिसके बाद अधीक्षण अभियंता विद्युत वीरभद्र ने विभाीगय अफसरों संग बैठक करके सख्ती की रणनीति बन...