ललितपुर, दिसम्बर 15 -- मड़ावरा। ग्रामीण इलाकों में नीलगायों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। झुंड में घूम रही नीलगायें किसानों की महीनों की मेहनत पर पल भर में पानी फेर रही हैं। आलू, गेहूं, सरसों, चना, मटर समेत अन्य रबी फसलों को यह जंगली जानवर बहुत नुकसान पहुंचा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि किसान दिन रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। साढूमल, मड़ावरा, धवा, रखवारा, बुधनी, मनकपुर, प्यासा, रनगांव आदि गावों में किसान इससे प्रभावित हैं। उनका कहना है कि नीलगायों की संख्या इतनी अधिक हो चुकी है कि उन्हें साधारण उपायों से रोक पाना अब संभव नहीं रह गया है। खेतों में कांटेदार तार लगाना, रात में लाइट जलाना या शोर मचाना जैसे प्रयास भी बेअसर साबित हो रहे हैं। क्षेत्र के अलग अलग गांव के किसानों ने बताया कि फसलों पर बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर खर्च की गई पू...
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