गिरडीह, अगस्त 5 -- हृदय नारायण पाठक गांडेय। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन की मृत्यु की खबर सोमवार की सुबह को आने के बाद गांडेय प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई। शिबू सोरेन के साथ आंदोलन में शामिल अधिकतर कार्यकर्ताओं की वर्तमान समय में मौत हो चुकी है। गुरुजी के नेतृत्व में आंदोलन में शामिल झारखंड आंदोलनकारियों ने भावुक मन से शिबू सोरेन की कहानियों का जिक्र किया। बता दें कि 1972 के दौर में शिबू सोरेन टुंडी के पोखरिया आश्रम में रहते थे और वे वहां से गांडेय में पहुंचकर संगठन को मजबूत करते थे। शिबू सोरेन के साथ काम किए गांडेय के ओझाडीह गांव निवासी जोन मुर्मू, गिरनिया गांव के भागवत सिंह आदि बताते हैं कि गांडेय में शिबू सोरेन ने महाजनी प्रथा के खिलाफ आंदोलन किया था। शिबू सोरेन ने कई जगह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.