नई दिल्ली, फरवरी 9 -- राजस्थान की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने ही अंदाज़ में सीधे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर जोधपुर की बदहाली का मुद्दा उठा दिया है। गहलोत की यह चिट्ठी सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि अपने गृह नगर के अधूरे विकास कार्यों की लंबी फेहरिस्त है, जिसे उन्होंने तथ्यों और आंकड़ों के साथ रखा है। पत्र की शुरुआत में ही गहलोत ने दो टूक शब्दों में लिखा कि विकास कार्य किसी पार्टी की जागीर नहीं होते, बल्कि जनता का अधिकार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बाद जोधपुर के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को या तो रोक दिया गया है या फिर 'जांच' के नाम पर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है, जिससे आम जनता को सीधा नुकसान हो रहा है।ऐतिहासिक तालाबों की अनदेखी का आरोप...