लखनऊ, जनवरी 20 -- -सड़क सुरक्षा पर कार्यशाला में विशेषज्ञ ने कहा, सड़क निर्माण की जांच नहीं की जाती -टूटे विंड स्क्रीन और खराब टायर वाली बसें चलवाने वालों पर भी जिम्मेदारी तय हो लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। सड़क सुरक्षा पर आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन सड़क हादसों की मूल तह तक पहुंचने की बात कही गई। इसके लिए दुर्घटना के सारे पहलुओं को जांच में शामिल करने की बात रखी गई। कहा गया कि ऐसा करने पर ही दुर्घटना का मूल कारण पकड़ में आ सकता है। विश्वेश्वरैया सभागार में आयोजित कार्यशाला के मुख्य वक्ता इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन के अध्यक्ष और कॉलेज ऑफ ट्रैफिक मैनेजमेंट एंड फॉरेंसिंक साइंस के निदेशक डॉ. रोहित बालुजा ने कहा कि प्रदेश में 2024 में 46 हजार से ज्यादा दुर्घटनाएं और 24 हजार से ज्यादा मौतें हुईं। इन सभी की जांच में दोष ड्राइवरों व अन्य का...