रांची, फरवरी 5 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड (सीयूजे) से जुड़े एक अहम मामले में सुनवाई हुई। कोर्ट के पूर्व आदेश के आलोक में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अदालत में व्यक्तिगत रूप से हाजिर हुए और गलत शपथ पत्र दाखिल करने के लिए माफी मांगी। जस्टिस राजेश कुमार की अदालत ने उनकी माफी स्वीकार कर ली। सुनवाई के दौरान अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में सीटें खाली रखना प्राकृतिक संसाधनों की बर्बादी के समान है और इस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने रजिस्ट्रार को आदेश दिया कि प्रार्थी अमित कुमार चौबे का पीएचडी के इंटरनेशनल रिलेशंस विभाग में नामांकन तीन सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अफसर रजा ने पक्ष रखा और सुप्रीम कोर्ट तथा झारखंड हाईको...
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