लखनऊ, नवम्बर 12 -- केस एक अब्दुल मजीद खान को वैन की फिटनेस कराने में देर हो गई। उन्होंने जुर्माना भी भरना चाहा, लेकिन पोर्टल पर जुर्माना जनरेट नहीं हुआ। दो दिन बाद जुर्माना भरने आए तो सर्वर फेल होने के कारण जुर्माना नहीं जमा हो सका। जब तक जुर्माना जमा नहीं होगा, तब तक उन्हें आरटीओ कार्यालय का चक्कर काटना पड़ेगा। केस दो सुदेश चौरसिया कैब लेकर फिटनेस कराने आए थे। सुदेश को भी जुर्माना जमा करने आना होगा। दिन बीतने के साथ उनके जुर्माना की राशि भी बढ़ती जाएगी। दोनों ही केस में वाहन स्वामी तुरंत जुर्माना भरने को तैयार हैं, लेकिन सिस्टम की गलती से उन्हें दौड़ना पड़ेगा। लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। व्यावसायिक वाहन की फिटनेस कराने में देर होने पर वाहन स्वामियों को दो बार आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। क्योंकि देरी के एवज में लगाए जाने वाला ज...
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