नवादा, फरवरी 7 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। मौसम के बदलते तेबर की मार रबी उत्पादक किसानों पर बुरी तरह से पड़ रही है। फरवरी की शुरुआत में ही तापमान में अप्रत्याशित वृद्धि हो चली है। इससे दलहनी फसलों की खेती पर प्रतिकूल असर दिखने लगा है। देर से बुआई की गयी चना और मसूर के पौधों में अभी फूल और फली (दाना) लग रहे हैं। अनुकूल तापमान न रहने के कारण इसके पौधों से फूल झड़ जा रहे हैं। इतना ही नहीं मिट्टी से नमी गायब होने के कारण समय से पहले गेहूं की सिंचाई करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा तो उपज प्रभावित होना निश्चित है, जिससे किसानों का नुकसा बड़ा हो जाएगा। कम से कम 15 फरवरी तक ठंड रहती और आसमान से ओस गिरते रहना जरूरी था, जिससे रबी फसलों को लाभ ही लाभ होता। लेकिन हालिया दिनों में मौसम ऐसा है कि उम्मीद से अधिक तापम...
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