भदोही, फरवरी 10 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। गर्मी में दूधिया मशरुम की खेती कर किसान कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। मशरुम पौष्टिक व औषद्यीय गुणों से भरपूर होता है। इसका नियमित सेवन करने से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ ही कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के हेड व वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. विश्वेंदु द्विवेदी ने बताया कि मशरुम की खेती किसी कच्चे व पक्के मकान एवं अस्थाई छप्पर-झोपड़ी में किया जा सकता है। इसकी खेती के लिए खेत की जरुरत नहीं है। भूमिहीन किसान भी मेंहनत से बेहतर मुनाफा कमाकर अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं। व्यवसायिक दृष्टि से मशरुम की तीन प्रजातियों का उत्पादन किया जाता है। बटन व ढेंबरी मशरुम का उत्पादन अक्टूबर के मध्य होता है। लेकिन मिल्की मशरुम का उत्पादन मई से सितंबर माह तक किया जाता है...
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