कन्नौज, मई 1 -- कन्नौज,संवाददाता। किसान रवी की फसल की कटाई और खेत खाली होने के बाद खेत की गहरी जोताई कर खेत को और उपजाऊ बना सकते हैं। कृषि जानकारों के अनुसार गर्मियों में खेतों की गहरी जोताई करना न केवल एक पारंपरिक कृषि पद्धति है, बल्कि यह भूमि की उर्वरा शक्ति और मृदा की भौतिक दशा में सुधार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस जुताई से खेत की मिट्टी ऊपर-नीचे हो जाती है, जिससे ढेले निकलते हैं और धीरे-धीरे हवा व बरसात के पानी से टूटते रहते हैं।कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार ग्रीष्मकालीन जुताई करने से खेत के खुलने से प्रकृति की कुछ प्राकृतिक क्रियाएं भी सुचारू रूप से खेत की मिट्टी पर प्रभाव डालती हैं। वायु और सूर्य की किरणों का प्रकाश मिट्टी के खनिज पदार्थों को पौधों के भोजन बनाने में अधिक सहायता करते हैं।
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