लखीसराय, मई 16 -- लखीसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले भर में बच्चों के नाटापन में कमी आई है। जो एक अच्छा बदलाव है। क्योंकि बच्चो के कुपोषण से मुक्त कराने के लिए राज्य सरकार भी काफी गंभीर है। हालांकि कुपोषण से पूरी तरह से मुक्त होने के लिए धात्री माताओं के साथ समाज के हर परिवार के हर सदस्य को जागरूक होने की आवश्कता है। ताकि समाज कुपोषण मुक्त बन सके। इसके लिए जरूरी है गर्भवती माता के साथ धात्री माता को भी अपने खान-पान का विशेष ख्याल रखने की। सीएस डॉ बीपी सिन्हा ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयास से जिले में बच्चों के नाटापन में अपेक्षाकृत कमी आया है। एनएफएचएस 4 (2015- 16) के आंकड़ों के अनुसार जिले में 50.6 प्रतिशत बच्चे नाटापन के शिकार थे। जो अब एनएफएचएस 5 (2019-20) के आंकड़ों के अनुसार घटकर मात्र 42.7 प्रतिशत रह गया है। इस दिशा में अभ...
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