नई दिल्ली, जनवरी 3 -- हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद अंत्येष्टि संस्कार (दाह संस्कार) को 16 संस्कारों में से अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान कई कड़े नियम और परंपराएं निभाई जाती हैं, जिनका उद्देश्य मृत आत्मा की शांति और परिजनों की सुरक्षा होता है। इनमें से एक प्रमुख नियम है, श्मशान घाट से लौटते समय पीछे मुड़कर नहीं देखना। बड़े-बुजुर्ग अक्सर हिदायत देते हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए, पीछे पलटकर मत देखना। गरुड़ पुराण के प्रेत कल्प में इसका स्पष्ट उल्लेख है। यह नियम केवल परंपरा नहीं, बल्कि धार्मिक, आध्यात्मिक, मनोवैज्ञानिक और ऊर्जा संबंधी कारणों से जुड़ा है। आइए विस्तार से समझते हैं इसके पीछे के कारण।धार्मिक और आध्यात्मिक कारण गरुड़ पुराण के अनुसार, दाह संस्कार के बाद आत्मा शरीर से अलग होकर परिजनों के आसपास कुछ समय तक मंडराती रहती ह...