नई दिल्ली, फरवरी 19 -- गरुड़ पुराण में अकाल मृत्यु को बहुत गंभीर रूप से वर्णित किया गया है। इसमें कहा गया है कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु समय से पहले, अप्राकृतिक कारणों से या बिना पूर्व सूचना के होती है, तो उसकी आत्मा को तुरंत यमलोक जाने का मार्ग नहीं मिलता है। ऐसी आत्मा प्रेतयोनि में भटकने लगती है और उसे बहुत कष्ट सहना पड़ता है। गरुड़ जी द्वारा भगवान विष्णु से पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि अकाल मृत्यु के बाद आत्मा का भटकना एक वास्तविक स्थिति है।अकाल मृत्यु के बाद आत्मा की स्थिति गरुड़ पुराण के अनुसार, सामान्य मृत्यु में आत्मा यमलोक की यात्रा करती है और पुनर्जन्म के लिए तैयार होती है। लेकिन अकाल मृत्यु में प्राण शरीर से अलग होने से पहले ही निकल जाते हैं, जिससे आत्मा को 'अंतिम संस्कार' की पूर्ण प्रक्रिया का...