औरैया, फरवरी 24 -- औरैया, संवाददाता।औरैया में पकड़े गए जीएसटी कर चोरी गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित और कई राज्यों तक फैला हुआ था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी सीधे व्यापारियों को नहीं, बल्कि गरीब और बेरोजगार लोगों को निशाना बनाते थे। उन्हें नौकरी दिलाने या 10-15 हजार रुपये देने का झांसा देकर आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और चेकबुक अपने कब्जे में ले लेते थे।इसके बाद गिरोह का दूसरा सदस्य कंप्यूटर पर फर्जी किरायानामा और बिजली बिल तैयार करता। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पोर्टल पर फर्म का पंजीकरण करा दिया जाता। कागजों में कंपनी पूरी तरह वैध दिखती, लेकिन जमीन पर उसका कोई अस्तित्व नहीं होता। फर्म बनने के बाद असली खेल शुरू होता था। आरोपी बोगस खरीद-फरोख्त दिखाते हुए इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार करते। कागजों में माल की ढुलाई भी...