गया, जून 16 -- संगीत के मामले में गया जी इतिहास समृद्ध रह रहा है। यहां की धड़कन और कण-कण में संगीत रचा-बसा है। यह कहना है कि पद्मभूषण पंडित साजन मिश्र का। गया जी में सोमवार से शुरू हुए सात दिवसीय आयोजित शास्त्रीय संगीत कार्यशाला में पं. साजन मिश्र ने कहा कि यहां आकर संगीत की सेवा में अपना योगदान देकर अपने को धन्य मानता हूं। यहां के लोग संगीत विरासत को बचाए रखने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले सुर सलिला की ओर से चांदचौरा स्थित सिजुआर भवन में आयोजित शास्त्रीय संगीत कार्यशाला का शुभारंभ पद्मभूषण श्री मिश्र ने किया। इस मौके पर विभिन्न प्रदेश से कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त करने आए दर्जनों छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे। कार्यशाला के संयोजक और गया घराने के संगीतज्ञ पंडित राजन सिजुआर ने कहा कि सौभाग्य की बात है कि पद्मभूषण पंडित साजन...
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