नई दिल्ली, अगस्त 29 -- भारत में अनेक तीर्थ हैं। इन सभी का अलग-अलग धार्मिक महत्व है। बिहार के गया को पितरों की मुक्ति के लिए बड़ा तीर्थ कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान राम ने अपने पिता दशरथ और युद्धिष्ठिर ने भी अपने पूर्वजों का यहां पिंडदान किया था।इसलिए यहां श्राद्ध पक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करने के लिए लाखों लोग आते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष मिलता है। और उनका उद्धार होता है। गया जी का महात्मय कई पुराणों में भी मिलता है। वायु पुराण, गया महात्मय, गरुड़ पुराण विष्णु पुराण आदि में गयाजी में पिंडदान का महत्व बताया गया है। इस लिए अपने पूर्वजों को मोक्ष दिलाने और उनका उद्धार करने के लिए वंश का कोई भी पुत्र यहां आकर विधिविधान से पितरों का पिंडदान करें। किन चीजों से किया जाता है पिंड...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.