चित्रकूट, जनवरी 31 -- चित्रकूट। संवाददाता कोषागार घोटाले में भूमिका निभाने वाले ही सरकारी गवाह बना दिए गए। इससे अब एसआईटी की जांच में भी सवालिया निशान लग रहे हैं। सरकारी गवाह बने कोषागार कर्मियों ने गबन के दौरान पटल से लेकर मुख्य सीट तक जिम्मेदारी निभाई है। जिनके कार्यकाल में करोड़ों रुपये का अनियमित भुगतान भी एसआईटी ने छानबीन के दौरान पाया है। कई बार इनसे एसआईटी पूछताछ भी कर चुकी है। वर्ष 2018 से 30 सितंबर 2025 तक कोषागार से 93 पेंशनरों के खातों में अनियमित भुगतान कर 43 करोड़ 13 लाख रुपये का गबन हुआ है। इस मामले की पुलिस एसआईटी जांच कर रही है। पिछले सप्ताह एसआईटी ने जेल में बंद 35 आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। जिसमें छानबीन के दौरान कोषागार कर्मियों से लेकर दलालों व पेंशनरों की भूमिका के संबंध में मिले तथ्यों को उजागर क...
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