लखीमपुरखीरी, दिसम्बर 6 -- स्थानीय बजाज चीनी मिल द्वारा गन्ना भुगतान में लगातार हो रही देरी से किसानों में गहरा आक्रोश है। राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन का कहना है कि पिछले पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने का एक अरब रुपये से अधिक भुगतान अभी तक लंबित है, जबकि चालू पेराई सत्र 2025-26 में भी किसानों के गन्ने का कई करोड़ रुपये बकाया हो गया है। संगठन ने मिल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तौल केंद्रों पर किसानों के गन्ने को दो से ढाई फीट तक काट दिया जाता है, यह कहकर कि उसमें चीनी की मात्रा कम है। जबकि यही कटा हुआ गन्ना मिल कर्मचारी अपने कैरियर में लादकर पेराई में भेज देते हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन्हीं समस्याओं के विरोध में राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन के पदाधिकारियों ने 6 दिसंबर शनिवार को सहकारी गन्ना विकास समिति मे...
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