रुडकी, दिसम्बर 9 -- क्षेत्र के किसान वसंतकालीन गन्ने की बुवाई को लेकर उलझन में हैं। 0238 प्रजाति में लगातार बीमारी आने के कारण वे इसे बदलना चाहते हैं, लेकिन इसके विकल्प के रूप में उन्हें उपयुक्त गन्ने का बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। बाजार में उपलब्ध कुछ अन्य प्रजातियों की पैदावार काफी कम है, जबकि जिनकी पैदावार बेहतर है, वे स्थानीय जलवायु के अनुकूल नहीं हैं। गन्ना न केवल हरिद्वार, बल्कि पूरे मैदानी क्षेत्र की प्रमुख फसल है। लक्सर क्षेत्र में तो करीब 80 प्रतिशत खेती गन्ने की होती है। इन दिनों किसान मुंढा (पेड़ी) गन्ना काटकर खाली खेतों में वसंतकालीन गन्ने की बुवाई की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन बीज चयन को लेकर वे भारी असमंजस में हैं। किसान महक सिंह, सुनील कुमार और राजेश बताते हैं कि वर्षों से 0238 प्रजाति सबसे अधिक बोई जाती रही है, परंतु पिछ...
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