कुशीनगर, दिसम्बर 14 -- कुशीनगर। आईपीएल चीनी मिल ने किसानों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर पिछले वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर अपनी पेराई क्षमता में वृद्धि की। मिल प्रबंधन का उद्देश्य अधिक गन्ने की पेराई करना और किसानों को बेहतर सुविधा प्रदान करना था, लेकिन सरकार और नौकरशाही की उदासीनता के कारण मिल के आरक्षित क्षेत्र का गन्ना अन्य चीनी मिलों को आवंटित कर दिया गया है। इससे किसान इधर उधर मारे-मारे फिर रहे हैं। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि मिल की क्षमता वृद्धि के बाद उन्हें उम्मीद थी कि उनका गन्ना स्थानीय मिल में ही पेरा जाएगा, जिससे परिवहन लागत बचेगी और समय पर भुगतान मिलेगा, लेकिन गन्ना क्षेत्र के आवंटन में बदलाव के कारण अब उन्हें दूर की मिलों में गन्ना सप्लाई करना पड़ रहा है। इससे न केवल किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि गन्ने की गुणव...
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