कुशीनगर, जनवरी 6 -- कुशीनगर। माघ मास के कृष्ण पक्ष चतुर्थी को आयोजित गणेश चतुर्थी का व्रत मंगलवार को किया जायेगा। रात 8.35 बजे चंद्रोदय होने पर अर्घ्य दिया जायेगा। महर्षि पाराशर ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पं. राकेश पाण्डेय ने बताया कि माघ कृष्ण चतुर्थ्यां तु प्रादुर्भूतो गणाधिप:। यह व्रत माघ कृष्ण पक्ष चतुर्थी को किया जाता है। इस बार संकष्टी गणेश चतुर्थी तिथि के दिन मंगलवार का दिन अश्लेषा नक्षत्र दिन 03.50 बजे के बाद मघा नक्षत्र भोग करेगी। इसमें प्रीति योग मिल रहा है। अतः यह व्रत सर्वमंगलकारी है। इस व्रत को तिलकुटी एवं वक्रतुण्ड चतुर्थी व्रत भी कहते हैं। इस दिन बुद्धि-विद्या व वारिधि गणेश तथा चन्द्रमा की पूजा करनी चाहिए। दिन भर व्रत रहने के बाद सायं काल चन्द्र दर्शन होने पर दूध का अर्घ्य देकर चन्द्रमा की विधिवत पूजा की जाती है। गौरी...
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