प्रयागराज, दिसम्बर 19 -- एशिया के सबसे बड़े बोर्ड, यूपी बोर्ड में इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों के बीच गणित का आकर्षण कम होता जा रहा है और छात्रसंख्या में भारी गिरावट देखी जा रही है। साल 2026 की परीक्षा के लिए पहली बार गणित लेने वाले छात्रों की संख्या चार लाख के आंकड़े से नीचे गिरकर 3,98,567 रह गई है, जबकि पिछले सालों में यह संख्या काफी अधिक थी। इसके विपरीत जीव विज्ञान यानी बायोलॉजी का क्रेज लगातार बरकरार है और करीब 12 लाख से ज्यादा छात्रों ने इसे चुना है। जानकारों का मानना है कि गणित को कठिन माना जाना और जीव विज्ञान के जरिए डॉक्टरी के साथ-साथ अन्य रोजगार के बेहतर अवसर मिलना इसकी मुख्य वजह है। कला वर्ग की बात करें तो वहां समाजशास्त्र सबसे लोकप्रिय विषय बना हुआ है, जिसके बाद नागरिक शास्त्र और भूगोल का नंबर आता है। दूसरी तरफ, बोर्ड द्वारा चला...
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