नई दिल्ली, जनवरी 21 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता संस्कृति मंत्रालय की झांकी सिर्फ एक मंत्रालय या एक विभाग की झांकी नहीं है। वह पूरे देश की भावनाओं को व्यक्त करने वाली, देश के इतिहास, देश की भावना को प्रकट करने वाली झांकी है। यह बात इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने संस्कृति मंत्रालय की झांकी के बारे में बताते हुए कही। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली झांकी की थीम 'वंदे मातरम् के 150 वर्ष' निर्धारित की गई है। यह झांकी राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' की डेढ़ शताब्दियों लंबी प्रेरक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक यात्रा को सजीव रूप में प्रस्तुत करेगी। झांकी में 'वंदे मातरम्' की रचना से लेकर उसके राष्ट्रव्यापी प्रभाव तक की कथा को कलात्मक अभ...
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