मिर्जापुर, नवम्बर 27 -- लालगंज। बापू उपरौध इंटरमीडिएट कॉलेज में गुरुवार को भारतीय इतिहास लेखन में डॉ. केपी जायसवाल की राष्ट्रवादी दृष्टि विषय पर विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में छात्रों, शिक्षकों व स्थानीय चिंतकों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। साथ ही जायसवाल की शोध परंपरा को नए सिरे से परखा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. धर्मजीत सिंह ने कहा कि डॉ. केपी जायसवाल को भारत का पहला राष्ट्रवादी इतिहासकार कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा। डा. जायसवाल ने अपने शोध से यह स्थापित किया कि गणतंत्र की परंपरा भारत में अत्यंत प्राचीन है लिच्छवी, मल्ल, यौधेय और अर्जुनायन जैसे गणराज्य इसका जीवंत प्रमाण रहे है। डॉ. सिंह ने कहा कि जिस लोकतंत्र को हम आधुनिक उपलब्धि समझते हैं उसकी जड़ें हमारे यहां हजारों वर्ष पुरानी थीं। डॉ. जायसवाल ...
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