नई दिल्ली, फरवरी 7 -- डीडीयू अस्पताल से बेटे कमल का शव जब घर पहुंचा तो परिजन ही नहीं पूरे गढ़वाल मोहल्ले में चीख पुकार मच गई। हर आंखों में आंसू था, कोई भी यह विश्वास नहीं कर पा रहा था कि कमल अब इस दुनिया में नहीं हैं। शव के घर पहुंचने से पहले शांत बैठे कमल के पिता नरेश ध्यानी का सब्र टूट गया और वह चीख कर बोले मेरा बेटा पूरी रात गड्ढे में पड़ा रहा और हम वहां से कई बार गुजरे। लेकिन एक बार भी गड्ढे में नहीं देख पाए। इतना कहते ही वह रोने लगे। कमल के पिता नरेश ध्यानी ने बताया कि वह सात लोग पूरी रात उसे ढूंढ रहे थे। उन्हें एक बार भी नहीं लगा कि वह गड्ढे में गिर गया होगा। अगर ऐसा होता तो वह वहां जरूर चैक करते।तीन साल पहले खरीदी थी बाइक, आनलाइन मंगवाया था हेलमेट कमल के भाई ने बताया कि उसने अपने पैसे से तीन साल पहले बाइक खरीदी थी। उसे बाइक चलाने क...