कटिहार, जनवरी 10 -- कटिहार, निज प्रतिनिधि पैक्सों द्वारा किसानों से खरीद किए जा रहे धान से सीएमआर चावल तैयार करने को लेकर पैक्सों को राइस मिल से टैग करने के साथ ही मिलरों का पंजीकरण भी कराया जा रहा है। पंजीकरण में एक राइस मिलर द्वारा फर्जी व गलत प्रमाण पत्र के आधार पर पंजीकरण कराने व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एनओसी मिलने का सनसनीखेज भी मामला सामने आया है। इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की गई। डीएम ने बलरामपुर के एक राइस मिल द्वारा दिए गए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रमाण पत्र की जांच कराने तथा इसकी रिपोर्ट समर्पित करने का निर्देश एसएफसी के मैनेजर को दिया गया। एसएफसी के मैनेजर ने इसकी जांच कराई। जांच में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जानकारी दी गई कि मिलर द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र पर जिस पत्रांक संख्या और दिनांक का जिक्र किया गया है। ...