रामगढ़, दिसम्बर 18 -- दिनेश कुमार, वेस्ट बोकारो। वेस्ट बोकारो ओपी क्षेत्र के चार नंबर की वह रात शायद ही कोई भूल पाए। अंधेरे में इंसानों की तरह हाथी एक-एक घर के दरवाज़े तक पहुंचा। पहले दरवाज़ा खटखटाया. और फिर बिना चेतावनी के जोरदार प्रहार। लकड़ी, लोहे और दीवारें टूटती रहीं, लेकिन उससे ज्यादा टूट रहा था लोगों का हौसला। दहशत उस वक्त और गहरी हो गई, जब दाऊद अंसारी के घर हाथी ने हमला किया। बहू सबाना अंजुम ने अपनी आंखों के सामने वह मंजर देखा, जिसे याद कर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। हाथी ने उनकी सास जुबैदा खातून का हाथ पकड़ लिया और खींचने लगा। एक पल को लगा सब खत्म हो जाएगा, लेकिन सबाना ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने पूरी ताकत से अपनी सास को हाथी की गिरफ्त से खींच लिया और किसी तरह घर के अंदर भागकर जान बचाई। वह पल याद कर आज भी उनकी आवाज कांप जाती है।...