प्रयागराज, सितम्बर 12 -- प्रयागराज। आईजीआरएस रैंकिंग में प्रयागराज के निचले पायदान पर आने का बड़ा कारण धड़ल्ले से हो रही शिकायतें भी हैं। अब पंचायती राज विभाग को ही लीजिए, इस अकेले विभाग में ऑनलाइन पोर्टल पर 15 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। अब विभाग के एक-एक कर्मचारी को फीडबैक लेने के लिए भी लगाया जाए तो निस्तारण कैसे होगा, इसे लेकर अफसर असमंजस में हैं। दरअसल, 2026 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। अब चुनाव का साल आया है तो शिकायतों का दौर शुरू हो गया है। पिछले कुछ दिनों की बात की जाए तो 15 हजार शिकायतें आ चुकी हैं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें प्रधानों को लेकर की गई हैं। जिसमें प्रधान के नेतृत्व में गोशाला का काम ठीक नहीं है। बीमार गोवंश के इलाज व चारे का प्रबंध नहीं है। गांव में सड़क नहीं है, सोलर पैनल लगवाने के लिए प्रधान ने रि...
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