श्रावस्ती, फरवरी 15 -- कटरा। दक्षिणी कोरिया से 520 सदस्यीय बुद्ध अनुयायियों का दल रविवार को बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती पहुंचा। जहां बौद्ध भिक्षु की अध्यक्षता में गंध कुटी व अंगुलिमाल स्थल पर पूजा अर्चना की। दल ने बुद्धम शरणम गच्छामि, धम्मम शरणम गच्छामि, संघम शरणम गच्छामि का उद्घोष करते हुए तपोस्थली का पैदल भ्रमण किया। बौद्ध भिक्षु पाम युम ने कहा की बुद्ध ने सम्यक जीवनयापन को महत्त्व दिया। जिसका अर्थ है जीवन के चार आयामों में संतुलित और नैतिक आचरण करना। उन्होंने मध्यम मार्ग अपनाने की शिक्षा दी, जो अतियों से बचने और संतुलित जीवन जीने का मार्ग है। पूजन के उपरांत अनुयायियों ने बोधि वृक्ष, सूर्यकुंड, सभा मंडप, शिवली स्तूप, कौशांबी कुटी, राहुल कुटी, संघमित्रा कुटी, संघाराम बुद्ध विहार आदि का भ्रमण कर ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त की।
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