देवघर, दिसम्बर 13 -- देवघर। देवघर नगर निगम बने लगभग 15 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन शहर के कई मोहल्लों की स्थिति आज भी चिंताजनक है। निगम के गठन का उद्देश्य था शहर का समग्र विकास, नियमित सफाई व्यवस्था, सड़कों और नालियों का रखरखाव, नागरिक सुविधाओं का विस्तार और लोगों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल विपरीत है। शहर के कई मोहल्ले आज भी उपेक्षा का जीता-जागता प्रमाण हैं। ऐसा ही एक उपेक्षित इलाका है वार्ड नंबर 33 अंतर्गत स्थित बरियारबांधी मोहल्ला, जहां के लोग वर्षों से नारकीय परिस्थितियों में जीने को विवश हैं। यहां की गंदगी, टूटी सड़कें, नालियों का अभाव, जलजमाव, कचरे के ढेर, दुर्गंध और अंधेरा हर समस्या प्रशासन की ढिलाई और नगर निगम की विफल कार्यशैली की पोल खोल देते हैं। नियमित सफाई के अभाव में जहां-तहां कचरा फैला रहत...
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